गुरुवार, 16 फ़रवरी 2012

kvita

अडीक मांय थांरी
वंदनमाळ दांई विछगी
म्है ठळगट,
ना मांयनै ना बारै
ना थारै मांय ना म्हारै मांय
इब खुद मांय उतरुं
कै भाज पडूं उण पथ दिस
जठीनै दीसै उडती रंज !!

बुधवार, 15 फ़रवरी 2012

किरणां कियां आजाद लैरावै
जद सूरज पड़यो अंधारै रै गिरवी
सांच सुणै तौ सांच बोलै
कागला रै कांई काजळ घालै
मन सूं मन कांई गीत  जगावै
रागां  नै जद मून बणा ली कैदी
कलम घिसाई पाना रंगै
भणै सुणै अर बीत जावै
कीकर करांति आवै जद
अरथ अनअरथ करै मनमानी
कलम घिसाई  पाना रंगै
भणै सुणै अर बीत जावै
कीकर करांति आवै जद
अरथ अनरथ करै मनमानी
घटनावां फकत  तारीख कैवावै
लोग मरै गिणती में रळ जावै

गुरुवार, 22 सितंबर 2011



  
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शुक्रवार, 8 अप्रैल 2011

थांरो आवणो स्यात्--

थांरो आवणो स्यात्--

अेक सुवास सी
चेतावती लागै
सुधबुध नै
फड़फड़ा र मुळकया
सनेसा सगळा
हिलोरा लेवै
निंदेळा आळा
 आ आ र उतरवा लागा
केई छिण
मन रे आंगणै
बातां होवै यादां में
देखी अदेखी
सुणी अणसुणी सी
निजरां खिड़कावै
अतीत रा दुवार,
आ रया हो स्यात्
थै म्हारै कनै!!!-किरण राजपुरोहित nitila


बुधवार, 9 फ़रवरी 2011

हिया रा आळा

हिया रा आळा
यूं कठै खुल सकै है
सोरा इ सोरा
हिया रा आळा
जद चावां
पण ठा नी
 कीकर
दुनियादारी री बातां
उंडै तांई
हिलोर देवे
अर असर दिखण लागै
काम काजां में!
सोचूं क
केई बातां
बिन बतायां इ
कित्ती उंडी उतर जावै
अर आपां ज्याणां
दुनियावी बातां सूं
लुका ले जा रैया हां
खुदनै
.....किरण राजपुरोहित नितिला


बुधवार, 19 जनवरी 2011

.....हिंडोळा , ऐ आळी

.....हिंडोळा , ऐ आळी
चांदणी पकड़ आगळी
चांद री
नर्तन करै
आंगणे
सांवळी चदरिया
लुक गी कठेइ...

ओळा में,
आंख्यां टमकावती
रात बैठी
चुपचाप
बातां करे ज्यां
आपूंआप,
रुनझुण म्हारी पायल
ओरुं चंचल हूंगी ,
झिलमिल
तारां आळी ओढणी
अर उणारी निजरां
रा प्रेम हिंडोळा
आळी ! कियां न झूलू म्हें ?

किरण राजपुरोहित नितिला

गुरुवार, 6 जनवरी 2011

भाव

कांइ सोच्यो व्हैला भाव
अरथां री आंगळी पकड़ र
भाजता फिरां ला सबद सबद
 भीख मांगता अरथां री
तकता इतहास
सोधालां नूवो अरथावणो!